सचिन : भारतीय क्रिकेट का भगवान???

सचिन तेंदुलकर के नाम से आज दुनिया का कोई भी क्रिकेट प्रेमी अनजान नहीं है ! सचिन भारतीय क्रिकेट की शान है और उन्होंने न केवल विश्व के नंबर एक बल्लेबाज होने का रुतबा हासिल किया बल्कि क्रिकेट के अपने दौर में उसे लगातार कई दिनों तक बनाये भी रखा ! सचिन ने इतनी कम उम्र में ही क्रिकेट के इतने रिकॉर्ड बना दिए जिन्हें तोडा जाना निकट भविष्य में किसी भी क्रिकेट के लिए इतना आसान नहीं होगा ! अपने रिटायरमेंट तक उनकी यह रन बनाने की भूख नहीं मिटी.
सचिन बचपन में शरारती बच्चे रहे है और कभी भी मैच में समय पर नहीं पहुच नहीं पाते थे ! जब एक बार मैच में देर से आने पर उन्हें शामिल नहीं किया गया तो वह हमेशा समय पर आने लगे थे ! सचिन ने क्रिकेट के अपने शुरूआती दिन श्री आचरेकर के सानिध्य में प्रशिक्षण में गुजारे थे ! शिवाजी पार्क की दूरी अधिक होने से उन्होंने अपने रिश्तेदार के घर दादर में भी समय व्यतीत करना पड़ा था.
यह भी पढ़ें:
1989 में सचिन ने अपने अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट क्रिकेट का पदार्पण किया था ! तब से लेकर 2011 का वर्ल्ड कप जितने तक सचिन ही भारतीय क्रिकेट की उम्मीदों की पतवार माने गए ! सचिन ने अपने एक निजी साक्षात्कार में साफ़ कहा है –‘’ में सिर्फ और सिर्फ खेलना चाहता हु और अब तक जीवन में मुझे सब कुछ इसी से मिला है, क्रिकेट के बिना में जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता.
सचिन रमेश तेंदुलकर एक बेहतरीन क्रिकेटर ही नहीं क्रिकेट प्रेमियों के होठो की मुस्कान भी है ! जिस दिन वो अपने खेल में जल्दी आउट हो जाते है उस दिन समूचे भारत में श्मशान सी वीरानी छा जाती है और जिस दिन क्रिकेट में इनका बल्ला चल गया तो मान लो पुरे देश में आज ही दिवाली आ गयी हो ! समय-समय पर चोटिल हो जाने के बावजूद उन्होंने क्रिकेट से उतना ही लगाव बनाये रखा और रिटायरमेंट लेने तक अपने पुरे कार्यकाल में सचिन के खेल में यह ताजगी बनी रही.
1989 में सचिन ने सोलह बरस की उम्र में अपना पहला मैच अपने चीर-प्रतिद्वंदी पकिस्तान के खिलाफ खेला और महान लेग स्पिनर अब्दुल-कादिर की धुनाई करते हुई एक ही ओवर में 27 रन बनाकर क्रिकेट जगत में वाहवाही लूट ली थी ! इसी प्रकार 2003 के विश्व कप मुकाबले में भी रावलपिंडी एक्सप्रेस नाम से पहचाने जाने वाले गेंदबाज शोएब अख्तर के पहले ही ओवर में 18 रन बना डाले थे.
सचिन 2011 का विश्व-कप जितने वाली ऍम एस धोनी की कप्तानी वाली टीम का हिस्सा रहे ! सचिन के इस करियर में भारत ICC चैंपियंस ट्राफी, वर्ल्ड कप और T-20 की तीनो महान प्रतिस्पर्धा जीत चूका था ! सचिन का व्यवहार अन्य साथी खिलाडी यहाँ तक की विपक्षी टीम के खिलाडियों से भी मित्रवत रहा ! और उनकी विशेष उपलब्धियों पर अन्य टीम के खिलाडियों और कप्तान आदि ने भी उनकी प्रशंसा की? सचिन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी प्रतिभा के फूल खिलाते रहे और कई बार अपने कौशल से दबाव का सामना कर भारत को अभूतपूर्व जीत दिला ले गए ! सचिन ने टेस्ट और एक दिवसीय मैच में रनों का पहाड़ बना दिया और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी शानदार रहा है ! अपने इसी प्रदर्शन के दम पर सचिन क्रिकेट की जीती जागती मिसाल है और बच्चे-बच्चे की जुबा पर उनका नाम है.
विश्व के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटर सचिन निहायती पारिवारिक इंसान है ! और आज भी वह अपना खाली समय अपने बच्चो और पत्नी के साथ गुजारना पसंद करते है ! सचिन आजकल के कई युवाओ के लिए आदर्श बन गए है ! उनका कैरियर किसी भी प्रकार के दाग से रहित और विवादों से परे रहा है ! वह खेल मैदान पर भी और आम जिंदगी में भी सादगी और नम्र स्वभाव बनाये रखते है.
सचिन ने अपना 30 वा जन्म दिन जयपुर में 23 अप्रैल 2003 को मनाया ! 26 अप्रैल को उन्हें अमेरिका अपनी अंगुली का ऑपरेशन करने जाना था इसलिए उन्होंने एक दिन पूर्व ही अपने जन्मदिन की पार्टी दे दी ! इसमें मीडिया से दूरी तथा पारिवारिक सदस्यों के बीच का ही आयोजन रखा गया था ! वह सादा जीवन जीने और श्रेष्ठ विचार रखने वाली नम्रता की मूर्ति और महान हस्ती है.
करोडो भारतीय और अन्तराष्ट्रीय प्रशंसको के साथ ही भारत के अभिनय के पितामह अमिताभ बच्चन ओर स्वर-साम्राज्ञी लता मंगेशकर भी सचिन के जबरदस्त फैन है और सचिन भी इन दोनों हस्तियों को उतना ही पसंद करते और सम्मान देते है ! अमर-अकबर-एंथोनी सचिन की पसंदीदा फिल्म है और आज भी समय और अवसर पाते ही वो यह फिल्म देखते है ! अमिताभ और लताजी क्रिकेट में विशेषतया सचिन में रूचि रखते है ! इस तरह देश की ये तीन प्रतिभाये एक-दुसरे को आदर देती है.

संबधित अन्य निबंध:

Comments

Popular posts from this blog

Character Certificate in Hindi - चरित्र प्रमाण पत्र?

unmarried certificate in hindi - अविवाहित प्रमाण आवेदन पत्र?

Death Certificate form in Hindi - मृत्यु प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र?