Essay on Confused Youth : Reason and Solution in Hindi?

युवा अवस्था में कर्त्तव्य का पालन करना ही सबसे बड़ा धर्म माना गया है ! परिवार के सदस्यों की जरूरतों का ध्यान रखना, उनका मान-सम्मान करना, अपने देश के प्रति गर्व का भाव, उसकी छवि का ध्यान रखना, सामाजिक परम्पराओ का सम्मान, स्वच्छ और सार्थक राजनीति के लिए संघर्ष करना, शिक्षा के प्रति जागरूक रहना तथा नशे से दुरी बनाये रखना – आदि ! उत्तरदायित्वों से आज का युवा दूर होता जा रहा है ! आजकल के युवा के confuse होने का प्रमुख कारण है- मूल उद्देश्य से दूरी बनाना, नैतिकता का त्याग कर देना ,अनुचित उद्देश्य की पूर्ती करने हेतु कई प्रकार के अवांछित कार्यों को प्राथमिकता देना-आदि ! इस स्थिति से आज के युवा का आचरण के साथ ही उसकी आदतों और उसके चरित्र का पतन भी दिखाई देने लगा है ! यह स्थिति लगातार हमारे सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मूल्यों को गिरा रही है और साथ ही राष्ट्र के लिए भी घातक है.

CINEMA : EFFECT ON YOUTH?

वर्तमान में अश्लील फिल्मो की संस्कृति ने युवा वर्ग को अपने मूल आदर्शो से ही विमुख कर दिया है !इससे उनमे वैचारिक शुन्यता का भाव ,चरित्र की हीनता और साथ ही भ्रष्टता भी बढ़ रही है ! युवा वर्ग में निराशा का प्रमुख कारण है- बेरोजगारी और आरक्षण की नीति से यह स्थिती और भी ज्यादा खराब हो गयी है ! आज का युवा वर्ग अपनी महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए कई प्रकार के short-cut और अनैतिक रास्ते अपनाने लगा है ! आजकल के युवा को अधिक से अधिक धन तथा बहुत सारे अधिकार अपने पास चाहिए और यह मानसिकता मूलतः उपभोक्ता संस्कृति से ही पैदा हुई है ! कई अन्य युवा भी ऐसे ही युवाओ का अनुसरण करने लगे है जिससे उनका भी चरित्र पतन और आचरण भ्रष्ट हो गया है ! विभिन्न प्रकार की कुत्सित मनोवृत्ति वाले युवा ऐसे कुकर्त्य कर बैठते है और इन सबके पीछे है विलासिता के साधनों का अधिक प्रयोग, विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थो का सेवन करना –आदि ! आज का कोई भी युवा पाश्चात्य संस्कृति से अछुता नहीं रह गया है ! fashion के नाम पर अर्धनग्न पश्चिमी पहनावा और मनोरंजन के भरपूर साधनों का चलन आज के सभ्य -समाज में सामान्य सी बात हो गयी है .
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USELESS: EDUCATION SYSTEM?

हमारी शिक्षा प्रणाली ऐसी है की छात्र-छात्राओ को बचपन से ही सार्थक ज्ञान नहीं मिल पाता इससे उनकी रचनात्मकता और सर्ज्जन शक्ति का लगातार हास होता चला जाता है और आधा –अधूरा ज्ञान प्राप्त होने से वो नशे आदि का सेवन करने लगते है ! vote-bank की राजनीती ने देश में असंतुष्ट और बेरोजगार युवाओ की एक फौज सी खडी कर दी है और लूट, अपहरण, हत्या आदि तक उनका यह स्तर गिर जाता है ! कई मामलो में तो शिक्षा-प्रणाली में राजनैतिक दबाव तक देखा गया है ! कई तात्कालिक उदाहरण ये भी बताते है की आजकल की युवतियां भी ऐसे अनर्गल और अनैतिक कार्यों में संलिप्त पी गयी है जो की बड़े ही शर्म का विषय है लगातार बढ़ती आक्रोश की भावना से देश में अपराधो की बाढ़ सी आ गयी है और हत्या, बलात्कार, डकैती जैसे अपराध आज सर्वत्र बहुत ही सामान्य हो गए है ! वर्तमान में हमारे युवा वर्ग का इस स्थिति की और लगातार चलते रहना इस समाज और देश के भविष्य के लिए अत्यंत ही हानिकारक सिद्ध होगा इसलिए शीघ्र ही इस स्थिति पर नियंत्रण पाना वर्तमान समय की गंभीर आवश्यकता है .

Guardians: responsibilities of children?

आजकल के माता-पिता, guardians और घर के सभी बड़े लोगो का कर्तव्य है की बचपन से ही वे उनके बच्चो को उनकी संस्कृति और सभ्यता , जीवन के मूल्यों , नैतिकता और आदर्शो ,सिद्धांतो से अवगत कराये क्योंकि बाल मन का कोमल मस्तिष्क ही देश और धर्म के प्रति कर्तव्यो का अनुसरण कर सकता है ! व्यस्क होने पर आज कल के वातावरण में ये सब बाते उन्हें व्यर्थ लगने लगती है इसके लिए हमें सर्वप्रथम विदेशी सभ्यता का अन्धानुकरण छोड़ना होगा और हमारी गोरवशाली परंपरा का महत्व समझाना होगा Entertainment के नाम पर फैलाई जा रही इस अश्ललीलता को नियंत्रण में लेते हुए इसे भारतीय संस्कृति के अनुकूल बनाना होगा, साथ ही इस देश की सरकार को भी बेरोजगारी और गरीबी जैसी विकट समस्याओ के स्थायी उपाय ढूँढने पड़ेंगे ! शिक्षा का सर्वत्र प्रचार-प्रसार , कड़ी -मेहनत, ईमानदारी और सयंम्शीलता जैसे नैतिक गुणों से ही आज के दिग्भ्रमित-युवा को आधुनिक भारत का भविष्य निर्माता बनाया जा सकता है.

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