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what is illiteracy in hindi - niraksharta ek abhishap in hindi essay?

illiteracy in hindi - निरक्षरता की जानकारी?निरक्षरता से अभिप्राय:- साक्षरता जीवन की पूर्णता, सम्पन्नता और सक्षमता का प्रमाण है ! जीवन को जीने के लिए आवश्यक प्राथमिक शिक्षा की प्राप्ति ही साक्षरता कहलाती है और इसका अभाव ही निरक्षरता ! आजादी के इतने वर्ष बाद भी आज देश के दूर-दराज के दुर्गम- ग्रामीण क्षेत्रो में साक्षरता की स्थिति चिंताजनक है ! किसी भी परिस्थिति या कारणवश व्यक्ति का शिक्षा से वंचित रह जाना या उसे यह प्राथमिक शिक्षा का अवसर प्राप्त ही नहीं हो पाना निरक्षरता के ही दायरे में आता है ! बढती जनसंख्या, बेरोजगारी, आर्थिक संसाधनों में लगातार आती कमी, लड़का-लड़की में किया गया भेदभाव और महंगाई आदि मुख्य समस्याओं से इसमें लगातार इजाफा होता आया है ! ग्रामीण क्षेत्रो में सुविधाओं की कमी से इसका आकार दिनों दिन बढ़ रहा है ! विधालयो, शिक्षको और यातायात के साधनों की कमी, अनिश्चित विधुत-आपूर्ति, सडको की कमी, जन-चेतना और जाग्रति में कमी आदि से देश के गाँवों में आज भी यह समस्या एक मुख्य चुनौती के रूप में बनी हुई है.
निरक्षरता के कारण:- एक सर्वे के अनुसार आज भी देश के चार करोड़ बच्चो ने विधालय का …

जल संकट पर निबंध - (Water problem and solution) in hindi?

water problem in india full essay ! पेयजल की समस्या पर निबंध?प्रस्तावना:- पेयजल की समस्या इक्कीसवी सदी की सर्वाधिक गम्भीर समस्याओ में से एक है ! आज दुनिया भर की अठारह प्रतिशत आबादी को पीने योग्य शुद्ध जल उपलब्ध नहीं है ! एक अनुमान के अनुसार लगभग बाईस लाख लोग तो हर साल साफ़ जल नहीं मिलने की वजह से होने वाली घातक बीमारियों से मर जाते है ! स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करके ऐसी अकाल मौतों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है ! विकाशशील देशो में कई जगह तो स्थिती इतनी विकट है की महिलाये छह किलोमीटर तक पैदल चलकर पीने योग्य जल की व्यवस्था करती है ! स्वच्छ जल का लगभग आधा भाग कई प्रकार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कारणों से प्रदूषित हो ही जाता है या फिर उचित संग्रह के अभाव में वह व्यर्थ ही बह जाता है ! राजनितिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के अभाव में भी जल की स्वच्छता को लेकर विशेष प्रयास होते दिखाई नहीं दे रहे है.
पेयजल की आवश्यकता:- जल ही जीवन की पराकाष्टा है और जल के बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है ! शरीर को स्वच्छ जल की उतनी ही आवश्यकता है जितनी प्राणवायु ऑक्सिजन और भोजन की होती है ! इसके अलावा भी क्रषि…

What is "ATM" (Full Essay) in Hindi - एटीएम क्या होता है?

प्रस्तावना:- बैंक और इससे सम्बद्ध सभी संस्थाओ का प्रमुख कार्य है- जो राशी आवंटित की गयी है उस पर ब्याज लेना साथ ही अपने ग्राहकों की जमा राशी पर उन्हें ब्याज जोड़कर वापस देना. 1969 में जब सभी बैंक राष्ट्रीयकरण के दायरे में आ गए तो बैंकिंग में भी व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से परिवर्तन आये. इसमें बैंक अपने संसाधनो का प्रयोग प्राथमिक स्तर पर व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के अनुसार करने लगे. यह बैंकिग प्रणाली लगभग दो दशक तक सामान्य रूप से चली. फिर उदारीकरण आ जाने से बैंकिग के क्षेत्र में नए दौर का युग आया जिससे आर्थिक स्थिरता अत्यधिक और अधिक मजबूत हुई. अन्य बैंक से लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच इन्हें कई नई योजनाओ को भी समावेशित करना पड़ा. यह परिवर्तन भौतिकवादी और उपभोक्तावादी दोनों रूप में आया था. बैंक के कार्य में पारदर्शिता ,संतोष दायक कार्य-प्रणाली और त्वरित परिणाम के लिए लघभग हर शाखा को कंप्यूटर से युक्त कर दिया गया. ग्रामीण क्षेत्रो में भी यह परिवर्तन आया और वहा भी ग्राहक से बेहतर कार्य-व्यवहार को प्राथमिकता दी जाने लगी है. रिटेल बैंकिंग एक ऐसी व्यवस्था है जो ग्राहक की आवश्यकताओ और प्राथ…

Mission "Chandrayaan 1" essay in hindi - चंद्रयान अभियान?

Mission chandryaan-चंद्रयान अभियानप्रस्तावना:- मानव रहित अपने पहले चंद्रयान का सफल प्रक्षेपण कर भारत ने अपनी गिनती अन्तरिक्ष जगत के कुछ चुनिन्दा देशो के नाम में करवा दी है ! 22 अगस्त 2008 को हमारी उपलब्धियों में एक और कड़ी जुडी तथा भारत की चंद्रमा पर पहुचने की यह कोशिश सफल रही ! इस मामले में भारत का स्थान भले ही छठा हो पर इसने इस अभियान से जुडी हुई सारी गणनाओं के सफल क्रियान्वयन से उम्मीद की एक और किरण जगा दी ! रूस और अमेरिका ने जो काम बीसवी शताब्दी में किया था उस और उठाया गया हमारा यह कदम भविष्य में मील का पत्थर ही साबित होगा ! 22 अक्टूबर 2008, बुधवार, को श्री हरिकोटा का सतीश धवन केंद्र में अन्तरिक्ष केंद्र के प्रमोचन पेड़ पर भेजे जाने वाला मानव रहित चंद्रयान अपनी पहली परीक्षा का इंतज़ार कर रहा था.
mission का सफल क्रियान्वयन:- देश के वैज्ञानिको ने इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने की पूर्ण तैयारी पहले ही कर ली थी ! निर्धारित समय छ: बजकर बाईस मिनट पर जैसे ही pslv c-11 राकेट अपने निर्धारित स्थान के लिए रवाना हुआ वैज्ञानिको का कलेजा धक्-धक् कर उठा किन्तु आकाश में सामान्य बादल वाले मौसम में जै…

Essay on "death penalty or capital punishment" in hindi - मृत्यु दंड?

म्रत्यु दण्ड (death penalty) या मानवीय गरिमा का हनन (capital punishment) न्यायालय ने फांसी की सजा के माध्यम से कुछ जघन्य मामलो में न्याय का श्रेष्ठ सन्देश आम जनता को दिया है इनमे प्रमुख है – देश की आत्मा अर्थात संसद पर हमला करने वाले शौकत और अशफाक, नैना-साहनी हत्याकाण्ड का मुख्य अभियुक्त सुशील शर्मा (अक्टूबर-नवम्बर, 2003) और दारासिंह का मामला जो ग्रैहम stanes के हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त था ! इन सब के साथ ही समाज के कुछ क्रूर और निर्दयी मामलो के क्षेत्र में भी लम्बे समय से लोगो द्वारा म्रत्युदण्ड देने की मांग उठाई जा रही थी ! इसमें सामाजिकता का उपहास करने वाले बलात्कारी से लेकर माशेल समिति की अनुशंसा पर नकली दवा बनाने वाले डॉक्टर आदि को भी शामिल करने की बाते बार-बार उठ रही थी ! और एक तरह से देखा जाये तो इनके अपराध की गंभीरता के अनुपात को देखते हुए म्रत्युदण्ड इनके लिए सही ही प्रतीत होता दिखता है किन्तु दूसरी तरफ इसका दूसरा पहलु भी है और इसके विपक्ष में कुछ लोग मर्त्यु दण्ड का विरोध भी करते है.
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नारी का महत्त्व?इंटरनेट पर निबंध?वर्षा ऋतु पर निबंध?एक बार फिर से इस प्रावधान क…

What is "Reservation" in Hindi - आरक्षण क्या है?

प्रस्तावना:- प्रारम्भिक काल से ही कभी धर्म और संस्कृति तो कभी नस्ल या भाषावाद के क्षेत्र में किया गया भेदभाव हर समाज की एक मुख्य समस्या रहा है ! किसी न किसी रूप में प्रत्येक व्यक्ति को इसका सामना जीवन में कही न कही या तो करना ही पड़ा है ! धर्म निरपेक्ष देश होने के बावजूद भारत भी इससे अछूता नहीं रह गया है ! अत; यह भी आरक्षण के आपवाद से बच नहीं पाया है ! संविधान के माध्यम से पिछड़े और शोषित लोगो को कुछ विशेष अधिकार भी प्रदान किये गए ! किन्तु सवाल यह है की क्या यह निति इन लोगो के लिए लाभकारी सिद्ध हुई है.
प्रमुख कारण:- आजादी मिलने से पूर्व में ही समाज के कुछ वर्ग सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक स्तर पर पिछडे हुए थे इनमे अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति वाले लोगो की संख्या अधिकतम थी ! सविधान की धारा 46 के तहत सरकार को इनके कल्याण के कदम तुरंत प्रभाव से उठाने के निर्देश मिले ! और धारा 16 के तहत राज्य को इनके कल्याण करने सम्बन्धी विशेष अधिकार भी दिए गए ! इनमे प्रमुख थे-धर्म, जाति, नस्ल, और जन्म स्थान का भेदभाव नहीं हो, अस्पर्श्यता अपराध घोषित हो और शैक्षणिक तौर पर भी इनका उत्थान किया जाये ! किन्त…

visit to an exhibition essay in hindi - प्रदर्शनी की सैर पर निबंध?

प्रदर्शनी का आँखों देखा वर्णन : निबंध हिंदी भाषा में पढ़ें?भारत की राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली का लाल बहादुर शास्त्री मार्ग भारत के उच्चतम न्यायालय के लिए प्रसिद्ध है ! इसे ठीक बायीं और एक विशाल प्रांगण रिक्त ही पड़ा हुआ है जिसे प्रगति मैदान के नाम से सम्बोधित किया जाता है ! यह मैदान एक प्रदर्शनी–स्थली का कार्य भी करता है ! कई प्रकार की राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय प्रदर्शनी यहाँ लगती ही रहती है जो देश की प्रगति को दिखाती है और इसीलिए इस मैदान का नाम प्रगति मैदान ही रख दिया गया.
13 फ़रवरी 2000 रविवार का दिन.
यह प्रगति मैदान में लगने वाले पुस्तक मेले का आखिरी दिन था ! पिताजी ने इसमें जाने की घोषणा पूर्व में ही कर दी थी ! पुस्तक मेले में जाने का इंतज़ार तो हमारा बालमन कब से कर रहा था ! अत: मेले में जाने की वजह से उस दिन का भोजन भी जल्दी बना और हमारी तो सारी तैयारी सुबह ही पूर्ण कर ली गयी थी ! इस प्रकार ग्यारह बजे के निर्धारित समय हम यह प्रदर्शनी देखने के लिए घर से निकल पड़े ! प्रगति मैदान तक पहुचने के लिए हमे अपने परिवार के लिए एक टैक्सी की सेवाएँ ली ! लगभग आधे घंटे की यात्रा कर हम अपने गन्तव्…